• October to December 2024 Article ID: NSS8811 Impact Factor:8.05 Cite Score:49110 Download: 312 DOI: https://doi.org/ View PDf

    सवाई माधोपुर जिले में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की वर्तमान स्थिति एवं संभावनाओं का अध्ययन

      परीक्षित हाड़ा
        शोधार्थी , आर्थिक प्रशासन एवं वित्तिय प्रबंध विभाग, राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, कोटा (राज.)

प्रस्तावना- औद्योगीकरण एवं सामाजिक-आर्थिक विकास की गति किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सामाजिक-आर्थिक तथा राष्ट्रीय दृष्टिकोण से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का महत्वपूर्ण स्थान है। भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचना, उत्पादन स्तर, जनसंख्या वृद्धि दर, प्रति व्यक्ति आय इत्यादि इन उद्योगों की आधारशिला को निर्धारित करते हैं। एमएसएमई से तात्पर्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग है जो देश के सकल घरेलू उत्पादन में लगभग 29 प्रतिशत का योगदान करते हैं। भारत जैसे विकासशील देश में एमएसएमई सेक्टर रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है। एमएसएमई उत्पादन करने वाली इकाई एवं सेवा देने वाली इकाई दो प्रकार के होते हैं।