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January to March 2025 Article ID: NSS8971 Impact Factor:8.05 Cite Score:31635 Download: 250 DOI: https://doi.org/ View PDf
किशोरियों का साथियों के साथ समायोजन का अध्ययन
डॉ.ममता खपेडिया
सहा. प्राध्यापक (गृह विज्ञान) माता जीजाबाई शा.स्नातकोत्तरकन्या महाविद्यालय, इंदौर (म.प्र.)रिंकी भाबर
सहा. प्राध्यापक (गृह विज्ञान) राजमाता सिंधिया शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, छिंदवाड़ा (म.प्र.)
प्रस्तावना-किशोरावस्था किसी भी समाज
की वास्तविक पूंजी है। इन्हे राष्ट्र, समाज के विकास के लिए सुरक्षित एवं सुरक्षित
किया जाना चाहिए। किशोरावस्था बाल्यावस्था की अंतिम अवस्था है, संपूर्ण बाल विकास में
इस अवस्था का बहुत अधिक महत्व होता है यह अवस्था शारीरिक और मानसिक उतथल पुथल भरी होती
है। किशोरावस्था लोगों के जीवन में एक कठिन
विकास अवधि का प्रतिनिधित्व करती है किशोरावस्था में किशोरी अनेक प्रकार की समस्याओं
का सामना करते हैं वर्तमान समय में किशोरिया अपने साथियों के साथ समायोजन में एक विशेष
प्रकार का व्यवहार देखने को मिलता है।
