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January to March 2025 Article ID: NSS9114 Impact Factor:8.05 Cite Score:18738 Download: 192 DOI: https://doi.org/ View PDf
वागड़ क्षेत्र में पाषाण पर उत्र्कीण लोक देवी-देवताओं एवं पूर्वजों की प्रतिमाएं
सीमा डामोर
शोधार्थी (दृश्यकला) गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बाँसवाड़ा (राज.)
प्रस्तावना- राजस्थान में प्रचलित पाषाण
प्रतिमाओं का सृजन सदियों से चला आ रहा है। इन प्रतिमाओं में लोक एवं पारम्परिक कला
तत्वों को देखा जा सकता हैं। वागड़ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के संबंध में यहां
की लोक जीवन से पल्लवित लोकाभिव्यक्तियों में निहित प्राचीनतम जनजातीय संस्कृति के
आधार बिम्बों को स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है।
