• January to March 2025 Article ID: NSS9115 Impact Factor:8.05 Cite Score:23831 Download: 217 DOI: https://doi.org/ View PDf

    हिंदुओं में विवाह विच्छेद की उभरती प्रवृत्तियों का राजस्थान के विशेष संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

      पुष्पा लौहार
        शोधार्थी (विधि) जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड–टू–बी विश्वविद्यालय) उदयपुर (राज.)
      डॉ. मीता चौधरी
        सहायक आचार्य (विधि) जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड–टू–बी विश्वविद्यालय) उदयपुर (राज.)

शोध सारांश- यह शोध पत्र हिंदुओं में विवाह विच्छेद (तलाक) की उभरती प्रवृत्तियों का राजस्थान के विशेष संदर्भ में विश्लेषण करता है। परंपरागत रूप से हिंदू समाज में विवाह एक पवित्र बंधन माना जाता था, लेकिन सामाजिक, आर्थिक, और सांस्कृतिक परिवर्तनों के प्रभाव से तलाक की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। यह अध्ययन तलाक के कानूनी, सामाजिक और व्यक्तिगत कारकों पर केंद्रित है, जिसमें शहरीकरण, शिक्षा का स्तर, महिलाओं की आत्मनिर्भरता, और पारिवारिक संरचना में बदलाव प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इसके अतिरिक्त, तलाक से उत्पन्न सामाजिक चुनौतियों, जैसे कि महिलाओं और बच्चों पर प्रभाव, समाज के दृष्टिकोण और पुनर्विवाह के संदर्भ में चर्चा की गई है। राजस्थान राज्य के आंकड़ों और मामलों का विश्लेषण कर, इस शोध में विवाह विच्छेद से जुड़े रुझानों और उनके कारणों का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। अंत में, तलाक की बढ़ती प्रवृत्तियों से निपटने के लिए सुझाव और समाधान भी दिए गए हैं।

शब्द कुंजी- हिंदू विवाह, तलाक की प्रवृत्तियाँ, सामाजिक परिवर्तन, राजस्थान, पारिवारिक संरचना, कानूनी प्रावधान, स्त्री आत्मनिर्भरता, पुनर्विवाह, शहरीकरण, समाजशास्त्रीय विश्लेषण।