• January to March 2025 Article ID: NSS9133 Impact Factor:8.05 Cite Score:18580 Download: 191 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9133 View PDf

    वेदों में स्त्री माहात्म्य

      डॉ. रागिनी श्रीवास्तव
        असिस्टेंट प्रोफेसर (संस्कृत) शशि भूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ (उ.प्र.)

प्रस्तावना-  विद् धातु से उत्पन्न वेद शब्द का अर्थ है ज्ञान। "विद्यन्ते ज्ञायन्ते लभ्यन्ते वा एभिर्धर्मादि पुरुषार्था:"अर्थात वेद धर्म,अर्थ, काम,मोक्ष रूप पुरुषार्थों की प्राप्ति का सशक्त माध्यम है। आम्नाय,आगम,श्रुति आदि नामों से भी वेदों को अभिहित किया जाता है। वेद ईश्वर द्वारा रचित हैं, अपौरुषेय हैं,नित्य हैं और असीम ज्ञान के अनंत भंडार हैं। मानव जाति के हित के लिए ईश्वर ने ऋषियों के अंतःस्तल में इन्हें उद्घाटित किया।