• April to June 2025 Article ID: NSS9179 Impact Factor:8.05 Cite Score:11671 Download: 151 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9179 View PDf

    मुइज्जू सरकार और भारत - मालदीव संबंधों का विश्लेषणात्मक अध्ययन

      डॉ. शोभा गौतम
        सह आचार्य (राजनीति विज्ञान) से. मु .मा .राजकीय कन्या महाविद्यालय, भीलवाड़ा (राज.)

शोध सारांश- मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है।यह रणनीतिक रूप से प्रमुख पूर्व-पश्चिम अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के मध्य में स्थित है।भारत के पश्चिमी तट से इसकी निकटता के कारण, मालदीव भारत की समुद्री सुरक्षा गणना में प्रमुख तत्वों में से एक है। यह भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति और विजन 'सागर',  में एक प्रमुख भागीदार है।2008 में मालदीव में लोकतंत्र की स्थापना हुई ।भारत और मालदीव के संबंध सरकारों में परिवर्तन के साथ परिवर्तित होते रहे हैं । भारत मालदीव संबंधों में सरकारों में परिवर्तन के साथ उतार- चढ़ाव आते रहे हैं ।मालदीव की सत्ताधारी सरकार के चीन समर्थक होने पर भारत मालदीव संबंधों में तल्खी दृष्टिगोचर होती रही है इसके विपरीत यदि सत्ताधारी सरकार भारत समर्थक होती है तो भारत मालदीव संबंधों में घनिष्ठता देखी गई है।प्रस्तुत शोध पत्र में वर्ष 2023 में बनी मोहम्मद मुइज्जू सरकार के कार्यकाल के दौरान भारत और मालदीव संबंधों में आए परिवर्तनों का विश्लेषण किया गया है।  मोहम्मद मुइज्जू चीन के समर्थक माने जाते रहे हैं ऐसे में पूर्ववर्ती  सोलिह  सरकार के विपरीत भारत मालदीव संबंधों में प्रारंभ में कुछ तनाव दृष्टिगोचर हुए तथापि कई अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों ने अपने संबंधों में सुधार भी किया है।

शब्द कुंजी-समुद्री सुरक्षा, सागर, पड़ोसी पहले ,अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्ग।