• April to June 2025 Article ID: NSS9212 Impact Factor:8.05 Cite Score:54447 Download: 329 DOI: https://doi.org/ View PDf

    संस्कृत के आदिकवि कालिदास के साहित्य में भारतीय ज्ञान परंपरा

      डॉ. अनिता पाटीदार
        अतिथि विद्वान (हिन्दी)शासकीय महाविद्यालय, शामगढ (म.प्र.)

प्रस्तावना-  संस्कृत साहित्य के देदीप्यमान नक्षत्रों में अद्भुत, ज्योतिस्वरूप प्रकाश पुंज, आभा से अलंकृत, मां काली एवं ज्ञानप्रदायिनी सरस्वती के वरद पुत्र, शैवधर्मावलम्बी, वैदर्भी रीति में निष्णात,  अन्तः प्रकृति एवं बाह्य प्रकृति  समायोजन में दक्ष,  पात्र के चरित्र चित्रण के अनुकूल, जनमानस के हृदय को विडोलित करने वाले,  अक्षयनिधि महाकवि कालिदास भारतीय ज्ञान परंपरा से महिमा  मंडित है  जिनके यशोगाथा विश्व पटल पर प्रासंगिक है। आपके महाकाव्य, दृश्यकाव्य एवं खण्डकाव्यों से संयुक्त सप्तग्रन्थमयी कृतियाँ अपने आप में उत्कृष्टता, दिव्यता को द्योतित करती है।