• April to June 2025 Article ID: NSS9221 Impact Factor:8.05 Cite Score:9196 Download: 134 DOI: https://doi.org/ View PDf

    बाँदा जिले में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन का भौगोलिक अध्ययन

      अंकिता चौरसिया
        शोधार्थी, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी (उ.प्र.)

शोध सारांश- बाँदा केन नदी के दाएँ तट पर स्थित महर्षि वामदेव की तपोभूमि है और चित्रकूटधाम मंडल का मुख्यालय है।ऐतिहासिक तौर पर यह बुंदेलखंड का हिस्सा है। बाँदा जिले का इतिहास मुगलकालीन और ब्रिटिश शासन से जुड़ा है। यह क्षेत्र यमुना एवं केन नदियों के संगम पर स्थित होने के कारण प्राचीन काल से ही रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्व रखता है।यहाँ केन नदी में मिलने वाला शजर पत्थर तथा चित्रकूट व कालिंजर जैसे पर्यटन स्थलों का अत्यधिक महत्व है जो जनसंख्या वितरण और कृषि पर भी असर डालता है।वर्ष 1858 में ब्रिटिश शासन के दौरान जिले का पुनर्गठन हुआ, जिसने इसके प्रशासनिक ढाँचे को मजबूती प्रदान की।इस शोध पत्र का उद्देश्य बाँदा जिले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों का विश्लेषण करना है, ताकि इस क्षेत्र की गतिशील सामाजिक संरचना और उस पर पड़ने वाले बाह्य प्रभावों को समझा जा सके।

शब्द कुंजी-तिहासिक पृष्ठभूमि, जनसंख्या, संस्कृति, पर्यटन स्थल तथा आर्थिक विकास।