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July to September 2025 Article ID: NSS9264 Impact Factor:8.05 Cite Score:11408 Download: 148 DOI: https://doi.org/ View PDf
वैदिक-सृष्टि संरचना एवं स्वरूप
डॉ. नलिनी तिलकर
सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (संस्कृत) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय माधव महाविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)
प्रस्तावना- वेद शब्द का दार्शनिक आशय ‘ज्ञान’
है। ‘विद्’ धातु से इसकी व्युत्पत्ति होती है, जिसका तात्पर्य है जानना, अनुभव करना,
और सत्य का उद्घाटन करना। प्राचीन ऋषियों ने अपनी दिव्य दृष्टि द्वारा जो ब्रह्मांडीय
सत्य अनुभूत किया, वही वेदों में प्रतिपादित है। अतः वेद केवल धार्मिक ग्रंथ न होकर,
दार्शनिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक चिंतन का प्राचीनतम स्रोत हैं।
