-
October to December 2024 Article ID: NSS9279 Impact Factor:8.05 Cite Score:6324 Download: 111 DOI: https://doi.org/ View PDf
भारतीय शिक्षा में आयुर्वेदिक ज्ञान का महत्व
डॉ. मंजुला निंगवाल
सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (इतिहास) भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू (म.प्र.)
शोध सारांश - आयुर्वेद हमें स्वस्थ जीवन की दिशा हजारों वर्षों से दिखा रहा है। प्राचीन भारत में आयुर्वेद को स्वस्थ जीवन शैली का सर्वोत्तम मंत्र माना गया है। आधुनिक जीवन शैली में हमें मन और आत्मा का ध्यान रखने के लिए आयुर्वेदिक तौर तरीकों की आवश्यकता है। हम विकसित भारत की कल्पना को साकार तभी कर पाएंगे जब मानसिक रूप से पूर्ण विकसित व स्वस्थ्य होंगे। भारत की आयुर्वेदिक उपचार प्रणालियां वर्षों पुरानी है जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है। यह मन ,शरीर और आत्मा का सम्बोधन है। यह मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, दैनिक तनावों से दूर रखता है, तथा स्वस्थ शरीर प्रदान करता है।
शब्द कुंजी - आयुर्वेद,रोग प्रतिरोधक क्षमता,
विकसित भारत, दैनिक तनाव, मानसिक स्वास्थ्य।
