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July to September 2025 Article ID: NSS9363 Impact Factor:8.05 Cite Score:11130 Download: 147 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9363 View PDf
वैदिक (हिन्दू) संस्कारों की वैज्ञानिकता व समाजोपयोगिता
सुमित्रा राणावत
शोधार्थी, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)
1. संस्कार :- संस्कार शब्द प्राचीन वैदिक साहित्य में नहीं मिलता
किन्तु 'स' के साथ 'कृ' धातु संस्कृत शब्द बहुधा मिल जाते है। ऋग्वेद में संस्कृत
धर्म के लिए प्रयुक्त हुआ है।
छान्दोग्य उपनिषद 6/16/1-2 में लिखा है -
"तस्मादेष पथ यज्ञस्तस्य
मनश्च वाक च वर्तिनी" अर्थात उस यज्ञ की दो विधियां
है मन से या वाणी से।
ब्रह्मा उनमें से एक को अपने
मन से बनाया, चमकाता है।
