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July to September 2025 Article ID: NSS9393 Impact Factor:8.05 Cite Score:29122 Download: 240 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9393 View PDf
प्राचीन भारतीय इतिहास एवं साहित्य में लोकतंत्र
डॉ. आशुतोष कुमार मिश्रा
सहायक प्राध्यापक, सूरज ज्ञान महाविद्यालय, कोंच (उ.प्र.)
1. आदिकाल में लोकतंत्र-
प्राचीन भारत में शासन व्यवस्था का स्वरूप एवं शासनसत्ता
किसी परम्परागत एकतंत्रीय रास्ते पर नहीं चली बल्कि उसने अपना सफर भूगोल, अर्थव्यवस्था,
सामाजिक सांस्कृतिक एवं धार्मिक समकालीन परिस्थितियों को अपने दामन में संयोजे अपना
रंग रूप बदलती रही हैं। डॉ. बेनी प्रसाद लिखते हैं कि हिन्दू राजनैतिक संस्थाओं की
प्रकृति एवं कार्य यहाँ के भूगोल जातीय विशेषतायें, सामाजिक संगठन एवं आर्थिक परिस्थितियों
से बहुत कुछ प्रभावित थे।
