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April to June 2025 Article ID: NSS9395 Impact Factor:8.05 Cite Score:515 Download: 30 DOI: https://doi.org/ View PDf
सूर्यवाला के संवेदनात्मक दंश - ‘‘यामिनी कथा’’
डॉ. मनीषा सिंह मरकाम
सहा. प्रा. हिन्दी प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस श्री अटल बिहारी वाजपेयी, शा. कला एवं वाणिज्य महा. इन्दौर (म.प्र.)
शोध सरांश- कथा में ऐसा कुछ भी नहीं है कि यामिनी के दोनों पति उसे किसी प्रकार का शारीरिक कष्ट देते हो, मारते-पीटते हो, या कुछ अपशब्द कहते हो। यामिनी के पति विश्वास और बाद में निखिल दोनों ने ही उसे वो सब दुनियाभर की वस्तुएँ लाकर दी है। जो एक पढ़ा-लिखा पैसे वाले पति लाकर देता हैं। यामिनी के साथ नौकरी के बाद जितना समय मिलता है, उन दोनों ने व्यतीत भी किया है। पर जब हम इस कथा का पठन करते हैं तो यह कथा अत्यंत ही भावपूर्ण नजर आती है।
शब्द कुन्जी-जिम्मेदारी, बयानबाजी, भावपूर्ण।
