• October to December 2025 Article ID: NSS9461 Impact Factor:8.05 Cite Score:376 Download: 26 DOI: https://doi.org/ View PDf

    बैगा जनजाति की नृत्य कला:एक समाजशास्त्रीय अध्ययन(बालाघाट जिले के विशेष संदर्भ में)

      डॉ. राम कुमार उसरेठे
        सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) शासकीय महाविद्यालय, चौरई, जिला छिंदवाड़ा (म.प्र.)
       

शोध सारांश-  मध्य प्रदेश जनजाति बहुल राज्य है। बैगा मध्य प्रदेश की एक प्रमुख आदिम जनजाति है। यह मध्य प्रदेश के डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर एवं शहडोल जिलों में निवास करती है। बालाघाट जिले की बैहर तहसील कीबैगा जनजाति अपनी आदिम संस्कृति के कारण समाजशास्त्रियोंके अध्ययन का केंद्र रही है। इसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा आश्चर्यचकित करने वाली है।इनके नृत्य भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के आधार स्तंभ है। पिछले तीन-चार दशकों में संचार,बढ़ती आवागमन गतिविधियाँ, शहरीकरण एवं उद्योगिकरण के प्रभाव से इस क्षेत्र की लोक संस्कृति में अनेक परिवर्तन हुए हैं। बावजूदइसकेबैगा जनजाति ने अपने लोक नृत्यों को संरक्षित कर रखा है। बैगा जनजाति संस्कृति कीनिरंतरता के लिए उनके नृत्यों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाना आवश्यक है।

शब्द कुंजी-बैगा जनजाति, नृत्य कला।