• October to December 2025 Article ID: NSS9464 Impact Factor:8.05 Cite Score:2710 Download: 72 DOI: https://doi.org/ View PDf

    अनुसूचित जनजाति के महाविद्यालयीन विद्यार्थियों में सूचना साक्षरता का स्तर एवं उपयोग-प्रवृत्तियाँ : अलीराजपुर जिले के विशेष संदर्भ में एक अध्ययन

      थानसिंह गेहलोत
        शोधार्थी, माघव यूनिवर्सिटी, पिंडवाड़ा, जिला – सिरोही (राज.)
      डॉ. संजीव कुमार शर्मा
        सहायक आचार्य, माघव यूनिवर्सिटी, पिंडवाड़ा, जिला – सिरोही (राज.)

शोध सारांश-  सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के तीव्र विकास ने ज्ञान के उत्पादन, संग्रहण, प्रसार तथा उपयोग की प्रकृति को मौलिक रूप से परिवर्तित कर दिया है। वर्तमान युग में सूचना साक्षरता (Information Literacy) को उच्च शिक्षा की आधारशिला माना जाता है, क्योंकि यह विद्यार्थियों को सूचना की पहचान, खोज, मूल्यांकन तथा नैतिक उपयोग की क्षमता प्रदान करती है। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समुदाय के विद्यार्थियों के लिए सूचना साक्षरता का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि यह वर्ग ऐतिहासिक रूप से सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक वंचनाओं से प्रभावित रहा है।               

     प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य अलीराजपुर जिले के चयनित शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों में सूचना साक्षरता के स्तर तथा उसकी उपयोग-प्रवृत्तियों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण पद्धति का प्रयोग किया गया तथा संरचित प्रश्नावली के माध्यम से 470 विद्यार्थियों से प्राथमिक आँकड़े संकलित किए गए। आँकड़ों का विश्लेषण प्रतिशत विधि एवं तालिकात्मक प्रस्तुति द्वारा किया गया।                  

    अध्ययन के निष्कर्षों से यह स्पष्ट हुआ कि अधिकांश विद्यार्थी सूचना साक्षरता के महत्व से परिचित हैं और इंटरनेट को सूचना का प्रमुख स्रोत मानते हैं, किंतु प्रशिक्षण की कमी, सीमित डिजिटल संसाधन और तकनीकी अवसंरचना की बाधाएँ सूचना साक्षरता के प्रभावी विकास में प्रमुख अवरोध बनी हुई हैं। शोध-पत्र में सूचना साक्षरता को सुदृढ़ करने हेतु शैक्षणिक, संस्थागत एवं नीतिगत स्तर पर उपयोगी सुझाव भी प्रस्तुत किए गए हैं।

शब्द कुंजी- सूचना साक्षरता, अनुसूचित जनजाति, उच्च शिक्षा, डिजिटल संसाधन, अलीराजपुर जिला।