• July to September 2025 Article ID: NSS9465 Impact Factor:8.05 Cite Score:194 Download: 18 DOI: https://doi.org/ View PDf

    उच्च शिक्षा में अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों की सूचना साक्षरता: अलीराजपुर जिले के महाविद्यालयों का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

      थानसिंह गेहलोत
        शोधार्थी, माघव यूनिवर्सिटी, पिंडवाड़ा, जिला – सिरोही (राज.)
      डॉ. संजीव कुमार शर्मा
        सहायक आचार्य, माघव यूनिवर्सिटी, पिंडवाड़ा, जिला – सिरोही (राज.)

शोध सारांश-  वर्तमान युग को सूचना और ज्ञान का युग कहा जाता है, जहाँ शिक्षा, शोध और रोजगार के अवसरों तक पहुँच सूचना साक्षरता पर अत्यधिक निर्भर हो गई है। सूचना साक्षरता वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति सूचना की आवश्यकता को पहचानता है, उपयुक्त स्रोतों से सूचना प्राप्त करता है, उसका आलोचनात्मक मूल्यांकन करता है तथा नैतिक एवं प्रभावी ढंग से उसका उपयोग करता है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह क्षमता विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, शोध कौशल और आजीवन अधिगम के लिए अनिवार्य मानी जाती है।                   

    अनुसूचित जनजाति समुदाय ऐतिहासिक रूप से सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से वंचित रहा है। डिजिटल युग में यह वंचना “डिजिटल विभाजन के रूप में और अधिक स्पष्ट हो गई है। प्रस्तुत अध्ययन मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों की सूचना साक्षरता के स्तर, उपयोग-प्रवृत्तियों तथा उससे जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।                   

    अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध-पद्धति अपनाई गई तथा 470 विद्यार्थियों से संरचित प्रश्नावली के माध्यम से डेटा संकलित किया गया। निष्कर्ष दर्शाते हैं कि यद्यपि विद्यार्थियों में सूचना साक्षरता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और इंटरनेट सूचना का प्रमुख स्रोत बन चुका है, फिर भी प्रशिक्षण की कमी, सीमित तकनीकी अवसंरचना और संसाधनों की अनुपलब्धता सूचना साक्षरता के प्रभावी विकास में बाधक बनी हुई है। अध्ययन में सूचना साक्षरता को सुदृढ़ करने हेतु व्यावहारिक एवं नीतिगत सुझाव भी प्रस्तुत किए गए हैं।

शब्द कुंजी-सूचना साक्षरता, उच्च शिक्षा, अनुसूचित जनजाति, डिजिटल विभाजन, अलीराजपुर जिला।