• October to December 2025 Article ID: NSS9483 Impact Factor:8.05 Cite Score:5426 Download: 103 DOI: https://doi.org/ View PDf

    चन्देरी रियासत का साम्राज्यवादी दौर देवीसिंह बुंदेला (1654-1663)

      डॉ.अर्पिता तिवारी
        सहायक प्राध्यापक (इतिहास) शासकीय माधव महाविद्यालय, चंदेरी, जिला अशोकनगर (म.प्र.)

शोध सारांश- मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में विंध्याचल की सुरम्य में रमणीय पर्वत श्रृंखलाओं की चंद्र गिरी पहाड़ी की ऊंची चोटियों से रक्षित बेतवा और उर्वशी सरिताओं की सुरम्य में घाटी में उपस्थित चंदेरी 78.6पूर्वी देशांतर एवं 24.8अक्षांश पर समुद्र सतह से लगभग 1070 फीट ऊंचाई पर स्थित है।चंदेरी एक ऐतिहासिक नगरी होने के साथ-साथ अपने अंतर ह्रदय में प्रागैतिहासिक के कई अवशेष समेटे हुए हैं।  छठी शताब्दी ईसा पूर्व चंदेरी क्षेत्र अवन्ति दर्शाण एवं चेदि जनपदों से आवृत था,प्राचीन काल में इस नगर का वैभव अपनी चरम सीमा पर था। मालवा और दिल्ली का प्रवेश द्वार माने जाने वाले इस नगर का महत्व प्रत्येक काल में रहा है। वर्तमान चंदेरी नगर की स्थापना 10-11वीं शताब्दी के मध्य प्रतिहार शासकों द्वारा की गई थी।चंदेरी गुलाम वंश, तुगलक वंश के आधिपत्य में रही 1401 में दिलावर खान गोरी ने मालवा में अपनी स्वतंत्र सत्ता स्थापित कर ली,फलस्वरूप चंदेरी मालवा के सुल्तानों के आधिपत्य में रही। 1528 को बाबर ने मैदनीराय पर विजय प्राप्त की इस प्रकार चंदेरी मुगल अधिपत्य में चली गई।  जहांगीर द्वारा बुंदेला शासक रामशाह को चंदेरी का शासक नियुक्त किया गया, यही से चंदेरी में बुन्देला वंश का सूत्रपात हुआ।  रामशाह के पश्चात क्रमशः संग्राम शाह, भारत शाह, देवी सिंह, दुर्ग सिंह,मान सिंह,अनिरुद्ध सिंह, रामचंद्र,प्रजापाल मौदप्रहलाद एवं अंतिम शासक मर्दन सिंह हुए।  कालांतर में चंदेरी सिंधिया और ब्रिटिश आधिपत्य में रही। देवी सिंह बुंदेला चंदेरी कि बुंदेला शासकों में सबसे महत्वपूर्ण रहे।  जिनके सिंहासन पर बैठते ही चंदेरी साम्राज्य ने अभूतपूर्व उन्नति की।  प्रस्तुत शोध पत्र में देवी सिंह बुंदेला के व्यक्तित्व ,कृतित्व एवं उपलब्धियों का ऐतिहासिक अध्ययन करने का प्रयास किया गया है।            

    प्रस्तुत शोध पत्र में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों ही प्रकार के स्रोतों की सहायता ली गई है एवं विषय से संबंधित विद्वानों का साक्षात्कार किया गया है।

शब्द कुंजी-देवी सिंह,चंदेरी, बुंदेला, मुगल, जुझारसिंह।