• October to December 2025 Article ID: NSS9486 Impact Factor:8.05 Cite Score:4554 Download: 94 DOI: https://doi.org/ View PDf

    कुमार विश्वास की कविताएं: सांस्कृतिक विरासत और संरक्षण का जीवंत दस्तावेज

      सरिता सैनी
        शोधार्थी (हिंदी) संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा (राज.)
      डॉ. निर्मला राव
        सह-आचार्य, संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा (राज.)

शोध सारांश-  कुमार विश्वास समकालीन हिंदी कविताओं में अपना विशिष्ट महत्त्व रखते हैं। समकालीन कविताएं मात्र साहित्यिक अभिव्यक्ति ना होकर जन संवाद के माध्यम से सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सरोकारों का सशक्त माध्यम रही है। कुमार विश्वास की कविताएं भी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना, लोक संवेदना, मानवीय मूल्य, भारतीय परंपरा व आधुनिकता की संतुलित व समन्वित अभिव्यक्ति रही है। कुमार विश्वास की कविताएं न सिर्फ अतीत का गुणगान करती है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत व संस्कृति को समकालीन जीवन से जोड़कर उसे जीवंत बना देती है। वे कविताओं को केवल सौंदर्य बोध तक सीमित न रखकर सांस्कृतिक चेतना का माध्यम बना देते हैं। जैसे भाषा संस्कृति के संरक्षण की वाहक होती है, वैसे ही कुमार विश्वास की भाषा भी सहज, संप्रेषणीय और भावनात्मक लोक संस्कृति की वाहक है।

शब्द कुंजी- कुमार विश्वास, साहित्यिक अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत, भारतीय परंपरा, संरक्षण।