• October to December 2025 Article ID: NSS9487 Impact Factor:8.05 Cite Score:39 Download: 7 DOI: https://doi.org/ View PDf

    सतत पर्यटन प्रशासन में प्रौद्योगिकी की भूमिका

      डॉ. गणेश कुमार दुबे
        सहायक प्राध्यापक, माता गुजरी महिला महाविद्यालय, जबलपुर (म.प्र.)

शोध सारांश-  वर्तमान समय में सतत पर्यटन एंव प्रशासन में बिना प्रौद्योगिकी के प्रयोग से पर्यटन उद्रयोग नहीं चल सकता है क्योकि आज जहाॅ पर भी प्रशासन की बात आती है उस स्थान पर प्रौद्योगिकी अपना एक अलग महत्व रखती है । क्योकि आज प्रौद्योगिकी के साथ किसी भी विषय पर आप उसका भौतिक सत्यापन करके बहुत कुशल प्रशासन को चला सकते है । प्रस्तुत अघ्धयन  पर्यटन के दृष्टिकोण से प्रशासन में प्रौद्योगिकी के उपयोग और अनुप्रयोग के सैद्धांतिक एंव व्यवहारिक दृष्टिकोण पर विचार करता है। क्योकि स्थायी पर्यटन को भविष्य में आगे बढाने के लिए प्रौद्योगिकी के एकीकरण से प्रशासनिक बदलाब बहुत ही आसानी एंव सुगमता पूर्वक कर सकते है । प्रौद्योगिकी के रचनात्मक और विनाशकारी परिणाम स्थायी पर्यटन प्रशासन में अपनी एक अलग ही ध्यान के्रद्रित कराता हैं। हालाँकि अध्ययन टिकाऊ पर्यटन के लिए प्रौद्योगिकी के रचनात्मक कार्यान्वयन पर केंद्रित है। अध्ययन का उद्देश्य सतत पर्यटन विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका और महत्व की पहचान करना है। अध्ययन के नतीजे सरकार एवं सार्वजनिक एंव निजी क्षेत्रों के साथ ही नीति निर्माताओं के लिए प्रौद्योगिकी और टिकाऊ पर्यटन प्रशासन के एकीकरण की प्रक्रिया में विभिन्न विकासात्मक संकेतकों की पहचान करने और उन्हें लागू करने में सहायक हैं। 

शब्द कुंजी-एकीकरण, प्रौद्योगिकी, सतत पर्यटन, ई-पर्यटन, पर्यटन विकास।