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October to December 2025 Article ID: NSS9502 Impact Factor:8.05 Cite Score:247 Download: 20 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9502 View PDf
पद्मपुराण में लोककथाएँ और उनकी नैतिक शिक्षा : एक समीक्षात्मक अध्ययन
डॉ. बालकृष्ण प्रजापति
सहायक प्राध्यापक (संस्कृत) शासकीय एस.जी.एस. पी.जी महाविद्यालय, गंजबासौदा, जिला विदिशा (म.प्र.)श्रीमती ओमवती अहिरवार
शोधार्थी, शासकीय संजय गांधी स्मृति स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गंजबासौदा, जिला विदिशा (म.प्र.)
शोध सारांश- भारतीय पुराण-साहित्य केवल धार्मिक ग्रंथों का संकलन नहीं, बल्कि भारतीय समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक मूल्यों का विस्तृत स्रोत है। अष्टादश महापुराणों में पद्मपुराण अपने विस्तृत आख्यान-संग्रह, लोक-कथात्मक शैली और नीति-प्रधान शिक्षाओं के लिए विशिष्ट स्थान रखता है। इस शोध-पत्र में पद्मपुराण में वर्णित लोककथाओं का विश्लेषण किया गया है सत्य, दया, करुणा, समता, पर्यावरण-संरक्षण, अहिंसा, भक्ति और परिवार-नीति जैसे नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान देते हुए। संस्कृत उद्धरणों सहित यह अध्ययन इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि पद्मपुराण की लोककथाएँ भारतीय समाज के नैतिक चरित्र-निर्माण, सामाजिक सुधार और आचार-नीति को गढ़ने में महत्त्वपूर्ण रही हैं।
शब्द कुंजी-पद्मपुराण, लोककथा, नैतिक शिक्षा, धर्म, नीति, संस्कृत उद्धरण, पुराण-साहित्य।
