• October to December 2025 Article ID: NSS9505 Impact Factor:8.05 Cite Score:322 Download: 24 DOI: https://doi.org/ View PDf

    विकसित भारत विजन 2047: राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

      डॉ. प्रवीण कुमार सोनी
        सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) शासकीय महाविद्यालय, माकडोन, जिला उज्जैन (म.प्र.)

शोध सार - भारत ने 2047 तक अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर, एक विकसित राष्ट्र बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति केवल बुनियादी ढांचे या औद्योगिक विकास से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए मानव पूंजी का इष्टतम उपयोग आवश्यक है। भारत की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाएं इस यात्रा में केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता हैं। यह शोध पत्र विकसित भारत 2047 के संदर्भ में महिलाओं की बहुआयामी भूमिका, आर्थिक योगदान, सामाजिक परिवर्तन, नेतृत्व और तकनीकी नवाचार का विश्लेषण करता है। साथ ही यह उन बाधाओं की पहचान करता है जिन्हें दूर करना अनिवार्य है ताकि भारत सही मायनों में समावेशी विकास हासिल कर सके। यह शोध विकसित भारत विजन 2047 के लक्ष्य को पाने में भारतीय महिलाओं की भूमिका एवं महिला शिक्षा और सशक्तिकरण का देश के आर्थिक विकास पर होने वाले महत्वपूर्ण प्रभावों का विश्लेषण करता है। यह अध्ययन सिद्ध करता है कि महिला शिक्षा से न सिर्फ महिलाओं के व्यक्तिगत जीवन स्तर में सुधार होता है, बल्कि यह एक देश के आर्थिक विकास के विभिन्न तत्वों जैसे सकल घरेलू उत्पाद, उत्पादन क्षमता और गरीबी की दर पर भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सकारात्मक  प्रभाव डालती है।

शब्द कुंजी- विकसित भारत, महिला शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक विकास, सकल घरेलू उत्पाद, मानव पूंजी, श्रम बल भागीदारी, उद्यमिता, गरीबी उन्मूलन, समावेशी विकास।