• October to December 2025 Article ID: NSS9519 Impact Factor:8.05 Cite Score:493 Download: 30 DOI: https://doi.org/ View PDf

    महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास

      माया कनासे
        सहायक प्राध्यापक (समाजशास्त्र) स्वामी अमूर्तनंद शासकीय महाविद्यालय, अंजड़, जिला- बड़वानी (म.प्र.)
       

शोध सारांश-  सशक्तिकरण एक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से जागरूकता कार्यशीलता, बेहतर नियंत्रण के प्रयास के द्वारा व्यक्ति अपने विषय मैं निर्णय लेने के लिए  स्वतंत्र होता है और  सक्रिय भागीदारी में विश्वास रखता है देश के आर्थिक विकास के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना अति आवश्यक है महिलाओं को कौशल पूर्ण बनाने का अर्थ महिलाओं को रोजगार प्रदान करना ही नहीं होना चाहिए बल्कि उनके द्वारा प्राप्त कौशल में गुणात्मक सुधार कर उनके कार्य प्रदर्शन को बेहतर तथा उत्पादक बनाना है कौशल विकास महिलाओं के लिए रोजगार तो उपलब्ध कराता है साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति को भी सशक्त करता है भारत जैसे विकासशील देश में जहां कार्य शक्ति में महिलाओं की भागीदारी की निम्न दर एवं लैंगिक असमानता जैसी समस्याएं वर्तमान में विद्यमान है एवं एक चिंता का विषय है महिलाओं को कौशलपूर्ण एवं सशक्त बनाकर इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है ।कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को रोजगार स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर  प्राप्त होते हैं,जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सशक्त बनती हैl                          शब्द कुंजी-कौशल विकास ,महिला सशक्तिकरण ,आर्थिक विकास, रोजगारl