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October to December 2025 Article ID: NSS9526 Impact Factor:8.05 Cite Score:527 Download: 31 DOI: https://doi.org/ View PDf
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की भूमिका और उसकी प्रभावशीलता
सौरभ शुक्ला
शोधार्थी, पं. मोतीलाल नेहरू विधि महाविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)डॉ. राम सिंह पटेल
सह. प्राध्यापक (विधि) पं. मोतीलाल नेहरू विधि महाविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)
शोध
सारांश - मध्य प्रदेश में लोकायुक्त संस्था का गठन शासन और
प्रशासन के उच्च पदों पर व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर नियंत्रण स्थापित
करने के उद्देश्य से किया गया था। इस शोधपत्र में लोकायुक्त की भूमिका, अधिकार, कार्यप्रणाली तथा उसकी
प्रभावशीलता का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। लोकायुक्त अधिनियम के
अंतर्गत राज्य के मुख्यमंत्री,
मंत्री, उच्चाधिकारी तथा लोक
सेवकों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच और अनुशंसा करने का अधिकार
इस संस्था को प्राप्त है। लोकायुक्त की स्वतंत्र और निष्पक्ष छवि ने नागरिकों को
अपने अधिकारों की रक्षा हेतु एक प्रभावी मंच प्रदान किया है, जिससे शासन व्यवस्था
में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा मिला है। अध्ययन में पाया गया कि
लोकायुक्त द्वारा समय-समय पर की गई जांच, अभियोजन
और अनुशंसा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
है। अनेक मामलों में लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों की
पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए, जिससे शासन और प्रशासन
में भय और उत्तरदायित्व की भावना विकसित हुई। इसके अतिरिक्त, लोकायुक्त कार्यालय
द्वारा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण, जन जागरूकता कार्यक्रमों और
भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों के माध्यम से आमजन में पारदर्शिता के प्रति विश्वास
बढ़ा है। शोध में यह भी उजागर हुआ कि संस्था को पर्याप्त संसाधन, स्वायत्तता और तकनीकी
सहायता प्राप्त होने पर इसकी कार्यक्षमता में और अधिक वृद्धि देखी जा सकती है।
हालांकि, कुछ चुनौतियाँ भी
विद्यमान हैं—जैसे लंबित प्रकरणों की अधिकता, सीमित कानूनी अधिकार, राजनीतिक हस्तक्षेप और
जांच प्रक्रिया में समयबद्धता की कमी—जो लोकायुक्त की प्रभावशीलता को प्रभावित
करते हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए विधिक सुधार, संसाधनों की उपलब्धता, डिजिटल प्रणाली का
विस्तार और लोकायुक्त के आदेशों के अनुपालन की अनिवार्यता आवश्यक है। निष्कर्षतः
कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश में लोकायुक्त न केवल भ्रष्टाचार निवारण की दिशा
में एक महत्वपूर्ण संस्था सिद्ध हुई है, बल्कि
शासन प्रणाली में पारदर्शिता,
उत्तरदायित्व
और जनता के अधिकारों की रक्षा का प्रभावी माध्यम भी बनी है। संस्था की प्रभावशीलता
को और सशक्त बनाने के लिए निरंतर सुधार और नवाचार आवश्यक हैं, ताकि राज्य के
प्रशासनिक ढांचे में सुशासन और न्याय की स्थापना संभव हो सके।
शब्द कुंजी- लोकायुक्त, मध्य प्रदेश, भ्रष्टाचार निवारण, पारदर्शिता, प्रशासनिक सुधार, उत्तरदायित्व, विधिक प्रणाली, सुशासन, शिकायत निवारण, जनविश्वास।
