• July to September 2025 Article ID: NSS9555 Impact Factor:8.05 Cite Score:61 Download: 9 DOI: https://doi.org/ View PDf

    ऑनर किलिंग में खाप पंचायतों की भूमिका, उनके प्रभाव एवं संबंधित विधायी सुधार

      डॉ. मिर्जा मोजिज बेग
        सहायक प्राध्यापक (विधि) शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय, इंदौर (म.प्र.)
      पुष्पेन्द्र
        शोधार्थी, शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय, इंदौर (म.प्र.)

शोध सारांश-  “ऑनर किलिंग में खाप पंचायतों की भूमिका, उनके प्रभाव एवं संबंधित विधायी सुधार नामक शोध पत्र में भारत में ऑनर किलिंग की घटनाओं में खाप पंचायतों की भूमिका, उनके सामाजिक और कानूनी प्रभावों, तथा संबंधित विधायी सुधारों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि किस प्रकार पारंपरिक और स्थानीय सामाजिक संरचनाओं में शामिल खाप पंचायतें “सम्मान के नाम पर विवाह, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक अधिकारों पर नियंत्रण स्थापित करती हैं, और इसके परिणामस्वरूप गंभीर अपराध, जैसे ऑनर किलिंग, उत्पन्न होते हैं।

शोध में पाया गया कि खाप पंचायतें अक्सर जाति, धर्म और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर निर्णय लेती हैं, जिससे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है। ये निर्णय परिवार और समुदाय के दबाव के रूप में व्यक्त होते हैं, और समाज में भय और असमानता की स्थिति उत्पन्न करते हैं। विधिक दृष्टि से, भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या (धारा302), आपराधिक षड्यंत्र (धारा120 ठ) और विधि विरुद्ध जमाव का अपराध (धारा143 149) जैसे प्रावधान लागू होते हैं, परंतु अभियोजन और साक्ष्य की चुनौतियों के कारण न्याय अक्सर प्रभावित होता है।

इस शोध के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि सामाजिक जागरूकता, विधिक सुधार और न्यायिक सक्रियता आवश्यक हैं। इसमें सुझाए गए सुधारों में खाप पंचायतों के गैरकानूनी और हिंसात्मक निर्णयों पर कड़ी कार्रवाई, पीड़ितों के संरक्षण के लिए विशेष कानूनी प्रावधान, और समाज में विवाह की स्वतंत्रता, समानता तथा मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना शामिल है।

अध्ययन निष्कर्षतः यह दिखाता है कि खाप पंचायतों की सामाजिक शक्ति और पारंपरिक रूढ़ियाँ ऑनर किलिंग के मामलों में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं। केवल दंडात्मक कानून ही पर्याप्त नहीं हैं; बल्कि समाज और राज्य के स्तर पर सुधारात्मक उपायों के माध्यम से ही इन अपराधों को रोकना और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करना संभव है।

शब्द कुंजी-ऑनर किलिंग, सामाजिक कुरीति, भारतीय दंड संहिता, खाप पंचायत, सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक मान्यता, कानूनी सुधार, सामाजिक जागरूकता।