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January to March 2026 Article ID: NSS9579 Impact Factor:8.05 Cite Score:13 Download: 3 DOI: https://doi.org/ View PDf
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक रूपांतरण
डाॅ. ममता पंवार
सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) प्रधानमंत्री काॅलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय माधव महाविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)
प्रस्तावना- महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप
से इतना सक्षम बनाना है कि वे अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें। भारत जैसे
विकासशील देश में, जहाँ पितृसत्तात्मक व्यवस्था की जड़ें गहरी हैं, स्वयं सहायता
समूह एक क्रांतिकारी मॉडल बनकर उभरे हैं। SHG 10-20 महिलाओं का एक स्वैच्छिक समूह
होता है, जो अपनी छोटी-छोटी बचतों को इकट्ठा करती हैं और जरूरत पड़ने पर समूह के
सदस्यों को कम ब्याज पर ऋण देती हैं। यह 'बचत के माध्यम से स्वावलंबन' के सिद्धांत
पर कार्य करता है।
