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January to March 2026 Article ID: NSS9582 Impact Factor:8.05 Cite Score:14 Download: 3 DOI: https://doi.org/ View PDf
जॉन रॉल्स का न्याय सिद्धांत
डॉ. माया रावत
सहायक प्राध्यापक (राजनीति विज्ञान) शासकीय आदर्श महाविद्यालय, हरदा (म.प्र.)
शोध सारांश- जॉन रॉल्स
20वीं
शताब्दी के प्रमुख राजनीतिक दार्शनिकों में से एक थे। उनकी प्रसिद्ध कृति A Theory of Justice में
प्रतिपादित “न्याय को निष्पक्षता के रूप में”की अवधारणा ने समकालीन राजनीतिक दर्शन
को गहराई से प्रभावित किया। प्रस्तुत शोध-पत्र में रॉल्स के न्याय सिद्धांत की मूल
अवधारणाओं—मूल स्थिति अज्ञान का आवरण समान स्वतंत्रता का सिद्धांत तथा अंतर
सिद्धांत का विश्लेषण किया गया है। साथ ही उपयोगितावाद की आलोचना, सिद्धांत की प्रासंगिकता एवं प्रमुख
आलोचनाओं का विवेचन भी किया गया है। यह अध्ययन दर्शाता है कि रॉल्स का सिद्धांत
आधुनिक लोकतांत्रिक समाजों में सामाजिक न्याय के लिए एक सुदृढ़ नैतिक आधार प्रदान
करता है।
शब्द कुंजी-न्याय को निष्पक्षता के रूप में,मूल स्थिति ,अज्ञान का आवरण ,समान
स्वतंत्रता का सिद्धांत ,अंतर सिद्धांत ,अवसर की निष्पक्ष समानता ,प्राथमिक
वस्तुएँ ,सामाजिक अनुबंध सिद्धांत ,उपयोगितावाद ,सामाजिक ,न्याय ,कल्याणकारी राज्य
,राजनीतिक उदारवाद।
