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January to March 2026 Article ID: NSS9588 Impact Factor:8.05 Cite Score:14 Download: 3 DOI: https://doi.org/ View PDf
भारतीय ज्ञान परंपरा की वर्तमान में प्रासंगिकता
डॉ. ज्योति पटेल
सहायक प्राध्यापक (हिन्दी) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, टीकमगढ (म.प्र.)
शोध सारांश- भारत सांस्कृतिक रूप से एक समृद्धशाली देश है, जिसकी ज्ञान परंपरा देश
की सांस्कृतिक, संरक्षण एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारतीय
ज्ञान परंपरा में वेद, उपनिषद, स्मृति, दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, शिक्षा शास्त्र आदि का
विशाल ज्ञान तत्व समाहित है। भारतीय ज्ञान परंपरा भारतीय जनसंख्या को मानव पूँजी
के रूप में परिवर्तित करने में सहायक रही है, जिससे देश के सम्पूर्ण
विकास में योगदान मिलता रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा अपनी समग्र, सतत और मूल्यांकन आधारित
प्रकृति के कारण आज अत्यधिक प्रासंगिक है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति
2020 के माध्यम से आधुनिक शिक्षा में एकीकृत हो रही है।
यह परंपरा पर्यावरण संरक्षण, योग, आयुर्वेद, नैतिकता और 'वसुधैव कुटुम्बिकम' के माध्यम से वर्तमान वैश्विक
चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन और मानसिक स्वास्थ्य संकट का समाधान प्रस्तुत करती
है।
शब्द कुंजी-संस्कृति, ज्ञान परंपरा, प्रासंगिकता, समृद्धशाली।
