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January to March 2026 Article ID: NSS9596 Impact Factor:8.05 Cite Score:19 Download: 4 DOI: https://doi.org/ View PDf
संस्कृति एवं पुरातत्व धरोहर सामत सरना डीपाडीह के विशेष संदर्भ में
डॉ. रामरतन साहू
एचओडी (इतिहास) डॉ. सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी, कोटा, बिलासपुर (छ.ग.)मनीष कुमार देवांगन
अतिथि व्याख्याता (इतिहास) शासकीय कॉलेज, रामचन्द्रपुर, जिला. बलरामपुर-रामानुजगंज (छ.ग.)
शोध
सारांश- प्राचीन काल से भारत अनेक धर्मो की
जन्मभूमि तथा आश्रयदाता रही है। भारत के मध्य भाग देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश के दक्षिण
पूर्व भाग से विभाजित होकर नया राज्य छत्तीसगढ 1 नवम्बर सन् 2000 में भारत के 26 वे
राज्य के रूप में अपने अस्तित्व में आयी। राज्य का का कुल क्षेत्रफल 1,35,195 वर्ग
किलोमीटर है जो भारत कुल क्षेत्रफल का 2.43 प्रतिशत है। छत्तीसगढ राज्य के उत्तर-पूर्व
भाग में सरगुजा संभाग स्थित है जिला मुख्यालय अंम्बिकापुर के सामरी तहसील में यह पुरातात्विक
स्थल है। जिला मुख्यालय से 38 किलोमीटर की दूरी पर अंतिम छोर पर स्थित रामानुजगंज मार्ग
पर राजपुर तहसील से दायें ओर शंकरगढ-कुसमी मार्ग पर लगभग 73 किलोमीटर की दूरी पर पुरातात्विक
स्थल डीपाडीह गांव स्थित है।
छत्तीसगढ के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में
सामरी तहसील जो कि सरगुजा संभाग के अंतर्गत आता है। सामरी तहसील के ही गांव डीपाडीह
चारो ओर से पहाडो की श्रृखलाओ तथा वनो से घिरा हुआ है,कन्हर, गलफुल्ला तथा सूर्या नदियां
यहां से होते हुए बहती है। गलफुल्ला नदी के दांयी तथा कन्हर नदी के बांयी ओर पठारी
भूमि पर यह पुरातात्विक स्थल स्थित है।
शब्द
कुंजी-सामत सरना,
दंतकथा, टांगीनाथ, सामनी सिंह, बावडी, फरसा, श्रद्वालु, गजलक्ष्मी, गवाक्ष शैली, गर्भगृह,
भग्नावशेष।
