• January to March 2026 Article ID: NSS9636 Impact Factor:8.05 Cite Score:54 Download: 8 DOI: https://doi.org/ View PDf

    महाविद्यालयों के विद्यार्थियों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता : ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों का तुलनात्मक अध्ययन

      डॉ. ऐकता हुसैन
        सहायक आचार्य, श्रमजीवी महाविद्यालय, उदयपुर (राज.)
      कामिनी गुर्जर
        शोधार्थी, जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ वि.वि., उदयपुर (राज.)

शोध सारांश-  बाल अधिकार मानवाधिकारों का एक महत्वपूर्ण अंग है। किसी भी समाज के समुचित विकास के लिए यह आवश्यक है कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाया जाए। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का अध्ययन करना तथा ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के मध्य जागरूकता के स्तर की तुलना करना है।

     इस अध्ययन में कुल 600 विद्यार्थियों को नमूने के रूप में चयनित किया गया, जिनमें 300 ग्रामीण तथा 300 शहरी विद्यार्थी सम्मिलित थे। अध्ययन के लिए शोधकर्ता द्वारा निर्मित बाल अधिकार जागरूकता प्रश्नावली का उपयोग किया गया, जिसमें कुल 48 कथन थे और तीन बिंदु मापनी (3 Point Scale) का प्रयोग किया गया।

    प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण मध्यमान तथा क्षेत्रवार तुलना के आधार पर किया गया। परिणामों से स्पष्ट हुआ कि शहरी विद्यार्थियों में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का स्तर ग्रामीण विद्यार्थियों की अपेक्षा अधिक पाया गया।

    अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि महाविद्यालय स्तर पर बाल अधिकारों से संबंधित पाठ्यक्रम, संगोष्ठी तथा जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता है।