• January to March 2026 Article ID: NSS9637 Impact Factor:8.05 Cite Score:51 Download: 8 DOI: https://doi.org/ View PDf

    मानवाधिकार शिक्षा का भारतीय मॉडल और विदेशी मॉडल : एक तुलनात्मक अध्ययन

      डॉ. प्रतिभा शर्मा
        सहायक आचार्य, श्रमजीवी महाविद्यालय, उदयपुर (राज.)
      प्रीति जोशी
        शोधार्थी, जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ वि.वि., उदयपुर (राज.)

शोध सारांश- मानवाधिकार शिक्षा आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसका उद्देश्य व्यक्तियों में मानव गरिमा, समानता, न्याय तथा स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य मानवाधिकार शिक्षा के भारतीय मॉडल तथा विभिन्न विदेशी मॉडलों का अध्ययन करना और उनके मध्य तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

     भारत में मानवाधिकार शिक्षा का आधार मुख्यतः संविधान, राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों तथा विभिन्न संस्थागत प्रयासों पर आधारित है। वहीं विदेशी देशों में मानवाधिकार शिक्षा को विद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर व्यवस्थित रूप से लागू किया गया है तथा इसे गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से पढ़ाया जाता है।

    अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय मॉडल में संवैधानिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं पर अधिक बल दिया गया है, जबकि विदेशी मॉडलों में लोकतांत्रिक सहभागिता, अनुभवात्मक शिक्षण और वैश्विक नागरिकता की अवधारणा को अधिक महत्व दिया जाता है।

    अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि मानवाधिकार शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए भारतीय मॉडल में अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को सम्मिलित करना आवश्यक है।