• January to March 2026 Article ID: NSS9641 Impact Factor:8.05 Cite Score:18 Download: 4 DOI: https://doi.org/ View PDf

    देश के विकास में, जीएसटी के योगदान का अध्ययन

      डॉ. अरुणा पाठक
        सहायक प्राध्यापक विभागाध्यक्ष्य (वाणिज्य ) माता गुजरी महिला महाविद्यालय (स्वाशासी) जबलपुर (म.प्र.)

शोध सारांश-  भारत में सबसे बड़ा कर सुधार वस्तु एवं सेवा कर (GST) अंततः लागू हो गया है, जो “एक राष्ट्र, एक बाजार, एक कर के सिद्धांत पर आधारित है। यह वह महत्वपूर्ण कदम है जिसका भारतीय सरकार कई दशकों से इंतजार कर रही थी। जीएसटी के लागू होने के साथ ही देश में सबसे व्यापक अप्रत्यक्ष कर प्रणाली स्थापित हुई, जिसने व्यापार से जुड़ी अंतर-राज्यीय बाधाओं को काफी हद तक समाप्त कर दिया। इसके परिणामस्वरूप भारत एक विशाल एकीकृत बाजार के रूप में उभरकर सामने आया है।

देश के 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में जीएसटी लागू करने के पीछे यह उद्देश्य था कि इससे सभी हितधारकों को लाभ प्राप्त हो सके। निर्माताओं और व्यापारियों को कम कर रिटर्न दाखिल करने, अधिक पारदर्शी नियमों तथा सरल कर प्रणाली से लाभ मिलता है। वहीं उपभोक्ताओं को वस्तुओं और सेवाओं के लिए अपेक्षाकृत कम कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि सरकार को राजस्व संग्रह में वृद्धि की संभावना होती है।

इसी संदर्भ में यह अध्ययन जीएसटी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालने तथा भारतीय अर्थव्यवस्था और उसके विभिन्न्ा क्षेत्रों पर इसके संभावित प्रभावों का विश्लेषण करने का प्रयास करता है। इसके लिए आवश्यक आँकड़े और जानकारी विभिन्न द्वितीयक स्रोतों जैसे सरकारी रिपोर्टों, पेशेवर संस्थाओं, कार्यकारी समितियों के दस्तावेजों, शोध पत्रों, लेखों, समाचार स्रोतों तथा बजट सत्रों से एकत्रित किए गए हैं।

शब्द कुंजी-वस्तु और सेवा कर, बिक्री कर, उत्पाद शुल्क, उत्पादन।