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January to March 2026 Article ID: NSS9645 Impact Factor:8.05 Cite Score:7 Download: 2 DOI: https://doi.org/ View PDf
उद्यमिता एवं स्टार्टअप का उच्च शिक्षा में समावेश
डॉ. रागिनी सिकरवार
सहायक प्राध्यापक, शासकीय शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय, नर्मदापुरम (म.प्र.)
शोध सारांश-पिछले कुछ वर्षों में देश में स्टार्टअप का शोर बहुत बढ़ा है। अखबारों में, टेलीविज़न पर और सोशल मीडिया पर हर तरफ किसी न किसी नए स्टार्टअप की कहानी सुनाई देती है। लेकिन जब हम यह सोचते हैं कि ये उद्यमी कहाँ से आते हैं, तो जवाब अक्सर यही होता है कि वे कॉलेज और विश्वविद्यालयों से निकले हुए युवा हैं। तब सवाल उठता है - क्या हमारे उच्च शिक्षण संस्थान वाकई उद्यमिता की भावना को पोषित कर रहे हैं? क्या पाठ्यक्रम में ऐसा कुछ है जो एक विद्यार्थी को नौकरी ढूँढने की बजाय नौकरी देने वाला बनाने के लिए प्रेरित करे?
यह शोध पत्र इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की एक कोशिश है। इसमें भारत के विभिन्न राज्यों के 22 उच्च शिक्षण संस्थानों के 480 से अधिक छात्रों, शिक्षकों और उद्यमिता प्रकोष्ठ के प्रभारियों से बातचीत और सर्वेक्षण के ज़रिए आँकड़े जुटाए गए। निष्कर्षों से यह सामने आया कि जहाँ कुछ संस्थानों में उद्यमिता शिक्षा ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं, वहीं अधिकांश संस्थानों में यह अभी भी केवल कागज़ों तक सीमित है।
शब्द कुंजी-उद्यमिता शिक्षा, स्टार्टअप इकोसिस्टम, इनक्यूबेशन सेंटर, नवाचार, उच्च शिक्षा, स्टार्टअप इंडिया, NEP 2020, युवा उद्यमी।
