• July to September 2025 Article ID: NSS9305 Impact Factor:8.05 Cite Score:25623 Download: 225 DOI: https://doi.org/ View PDf

    स्व सहायता समूह द्वारा महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण एवं विकास

      डॉ. जितेन्द्र कुमार कुशवाहा
        अतिथि विद्वान (समाजशात्र) म.गा.चि.ग्रा.वि.वि., चित्रकूट, सतना (म.प्र.)
      जागेन्द्र कुमार कुशवाहा
        शोधार्थी (हिन्दी) महराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर (म.प्र.)

शोध सारांश-  स्वसहायता समूह द्वारा महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण विषय पर अध्ययन करने पर स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है। छोटी-छोटी बचत करके वह गरीबी निवारण में अपनी भागीदारी निभाती हैं। स्व सहायता समूह सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण की अटूट कड़ी है। समूह में सम्मिलित सदस्य छोटे उद्योगों व रोजगार कार्यों के लिए ऋण लेते हैं और इस ऋण का प्रयोग अगरबत्ती, पापड़ अचार, मुरब्बा, रेडी टू ईट आदि बनाने में करते हैं। इसके साथ ही आपसी लेन-देन भी करते हैं। इन सभी कार्यों में उनका सहयोग सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाएं महिला बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग करते हैं। ग्रामीण बैंक के सहयोग से भी वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, जिससे महिलाओं में आत्मविश्वास, शांति, आत्मसम्मान व सजगता भी बढ़ी है।