• October to December 2025 Article ID: NSS9443 Impact Factor:8.05 Cite Score:1739 Download: 57 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9443 View PDf

    कमार जनजाति की व्यवसाय उपभोग एवं जीवन स्तर पर उनका प्रभाव (धमतरी जिले के संदर्भ में)

      डेकेश्वरी
        शोधार्थी, पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय,रायपुर (छ.ग.)

शोध सारांश- प्रस्तुत अध्ययन ‘‘कमार जनजाति की व्यवसाय उपभोग एवं जीवन स्तर पर उनका प्रभाव”( धमतरी जिले के संदर्भ में ) के अध्ययन हेतु 256 कमार परिवारों का सॉलविन पद्धति द्वारा चयन किया गया जिसका उद्देश्य कमार परिवारों के आय एवं रोजगार की स्थिति का अध्ययन एवं कमार परिवारों के उपभोग की प्रवृत्ति का प्रभाव की जानकारी प्राप्त करना है। प्रत्यक्ष साक्षात्कार एवं अनुभव के आधार पर निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि इनकी आर्थिक स्थिति बहुत पिछड़ी हुई है। निदर्श कमार परिवारों की लिंग संरचना के विश्लेषण से यह ज्ञात होत है कि कुल निदर्श कमार परिवार की सदस्य संख्या 988 है जिसमें पुरूष 470 एवं महिला 548 है यह स्पष्ट है कि  कमार परिवारों में पुरूष की संख्या से महिलाओं की संख्या अधिक है । इसी प्रकार कमार परिवारों में कुल 402 व्यक्ति अशिक्षित है एवं कुल 586 व्यक्ति शिक्षित है। पुरूषों की तुलना में महिलाएं अधिक शिक्षित है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा की सुविधा  गांवों में नहीं होने के कारण बच्चे पढ़ने  के लिए गांव से बाहर नहीं जा पाते है इस कारण शिक्षा स्तर में कमी आई है। कमार परिवारों में कार्यशील व्यक्ति की कुल जनसंख्या 593 है, जिसमें पुरूष  292 (19.24 प्रतिशत) एवं महिला 301 (50.76 प्रतिशत) है । कमार परिवारों के मकानो का अध्ययन किया गया जिसमें पक्का मकान,79 (30.9 प्रतिशत) कच्चे मकान, 30 (11.79 प्रतिशत), 140 (54.7 प्रतिशत) मिश्रित मकान है तथा 07 (2.7) प्रतिशत के पास झोपड़ी के मकान है। 17.19 प्रतिशत कमार परिवार भूमि प्राप्त कर्ता है बल्कि 82.81 प्रतिशत कमार भूमिहीन है। निदर्श कमार परिवारों में कृषि एवं वनोपज व्यवसाय 42 (16.4 प्रतिशत) परिवारों की आय का मुख्य स्त्रोत है। मजदूरी (63.6 प्रतिशत), नौकरी (1.56 प्रतिशत )एवं बांस सिल्फ (18.36 प्रतिशत ) है इससे यह ज्ञात होता है कि मजदूरी एवं वनोपज व्यवसाय से सबसे अधिक कार्य करते है। मासिक आय  के आधार पर औसत विश्लेषण औसत आकार, परिवार की कुल आय, परिवार की औसत प्रति व्यक्ति आय के  विश्लेषण ज्ञात होता है कि अधिक आय वर्ग की संख्या 0-100 आय वालों की है। इसी प्रकार 3000-500 आय वर्ग में । 0.39 प्रतिशत इस प्रकार अधिक आय वाले  परिवारों की संख्या कम है। जो इसके पिछड़े एवं गरीबी के जीवन स्तर को बताता है। विभिन्न रोजगार के स्त्रोंतो से प्राप्त विश्लेषण से ज्ञात होता है कि कुल कमार परिवारों की कुल 15037 दिन का रोजगार प्राप्त होता है। प्रस्तुत शोध में कमार परिवारों की जीवन स्तर पर आय, रोजगार के प्रभाव  का अध्ययन किया गया है। कमार परिवारों में रोजगार और आय में वृद्धि के साथ उनके उपभोग प्रवृत्ति के स्तर में वृद्धि हुई है, जिसका प्रभाव कमार परिवारों के पारिवारिक बजट में आधुनिकता का प्रभाव पड़ा है।

शब्द कुंजी- कमार, उपभोग, जनजाति, रोजगार, व्यवसाय, पारिवारिक, आय, साधन।