-
October to December 2025 Article ID: NSS9463 Impact Factor:8.05 Cite Score:178 Download: 17 DOI: https://doi.org/ View PDf
21वीं सदी में मूल्य शिक्षा का महत्त्व और आवश्यकता
बीरेंद्र सिंह कुशवाह
सहायक प्राध्यापक (इतिहास) शास. महाविद्यालय, बदरवास, शिवपुरी (म.प्र.)
प्रस्तावना - शिक्षा
पूर्ण मानव क्षमता को प्राप्त करने एवं न्याय संगत और न्यायपूर्ण समाज के विकास और
राष्ट्रीय उत्थान में वढ़ोत्तरी के लिए मुलभुत आवश्यकता है, गुणवत्ता
पूर्ण शिक्षा तथा सार्वभौमिक पहुँच प्रदान करना, वैश्विक मंच
पर सामाजिक न्याय और समानता,
वैज्ञानिक उन्नति,
राष्ट्रीय एकीकरण तथा सांस्कृतिक संरक्षण के सन्दर्भ में भारत की सतत प्रगति
और आर्थिक विकास की कुंजी है l
सार्वभौमिक उच्च स्तरीय शिक्षा का उचित माध्यम है, जिससे देश की
समृद्ध प्रतिभा और संसाधनों का सर्वोत्तम विकास एवं संवर्धन, व्यक्ति, समाज,राष्ट्र, और
विश्व के कल्याण के लिए किया जा सकता है l अगले दशक में
भारत विश्व का सबसे युवा जनसंख्या वाला देश होगा और इन युवाओं को उच्चतर
गुणवत्तायुक्त शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराने पर ही भारत का भविष्य निर्भर करेगा l
