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April to June 2024 Article ID: NSS9528 Impact Factor:8.05 Cite Score:57 Download: 9 DOI: https://doi.org/ View PDf
पारिवारिक संसाधन प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका - एक समाजशास्त्रीय अध्ययन
डॉ. ज्योति सिंह
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा (म.प्र.)
शोध सारांश- पारिवारिक संसाधन प्रबंधन किसी भी समाज की सामाजिक-आर्थिक
संरचना को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय समाज में महिलाओं की
भूमिका पारंपरिक रूप से घरेलू सीमाओं तक सीमित मानी जाती रही है, किंतु आधुनिक सामाजिक
परिवर्तनों के साथ महिलाओं की भूमिका पारिवारिक संसाधनों के नियोजन, संगठन, उपयोग और
संरक्षण में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह शोध पत्र महिलाओं की पारिवारिक संसाधन
प्रबंधन में भूमिका का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन
का उद्देश्य यह जानना है कि महिलाएँ किस प्रकार समय, धन, ऊर्जा एवं मानव संसाधनों का
प्रभावी प्रबंधन करती हैं तथा सामाजिक-आर्थिक कारक उनकी भूमिका को किस प्रकार प्रभावित
करते हैं। यह अध्ययन मध्यप्रदेश के सतना जिले की ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं पर आधारित
है। सर्वेक्षण विधि द्वारा प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण तालिकाओं के माध्यम से किया
गया। शोध परिणाम दर्शाते हैं कि महिलाएँ संसाधन प्रबंधन में दक्ष हैं, परंतु शिक्षा,
आय, सामाजिक मान्यताएँ एवं निर्णय-निर्माण में सीमित सहभागिता उनकी पूर्ण क्षमता के
उपयोग में बाधक हैं।
शब्द कुंजी-पारिवारिक संसाधन, गृह
प्रबंधन, महिलाएँ, समाजशास्त्रीय अध्ययन।
