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January to March 2026 Article ID: NSS9578 Impact Factor:8.05 Cite Score:14 Download: 3 DOI: https://doi.org/ View PDf
अनुसंधान पद्धति में नवीन प्रतिमान विस्थापन : राजनीति विज्ञान के संदर्भ में
पूनम चौधरी
सहायक प्राध्यापक (राजनीति विज्ञान) PMCOE,शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रतलाम (म.प्र.)
शोध सारांश- प्रस्तुत शोध पत्र 21वीं सदी के राजनीति विज्ञान में अनुसंधान पद्धतियों में आए युगांतरकारी 'नवीन प्रतिमान विस्थापन' (New Paradigm Shift) का विश्लेषणात्मक अध्ययन करता है। यह अध्ययन रेखांकित करता है कि कैसे सूचना-प्रौद्योगिकी क्रांति और राजनीतिक व्यवहार के 'भौतिक' से 'डिजिटल' जगत में स्थानांतरण ने पारंपरिक एवं व्यवहारवादी शोध प्रविधियों की सीमाओं को उजागर किया है। शोध पत्र यह स्थापित करता है कि समकालीन राजनीति विज्ञान अब 'कम्प्यूटेशनल यथार्थवाद' के दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ मिश्रित पद्धति (Mixed Methods), बिग डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नेटवर्क विश्लेषण,भू-स्थानिक विश्लेषण, डिजिटल नृविज्ञान ज्ञान-निर्माण के प्रमुख उपकरण बन गए है। ये नवीन पद्धतियां विषय को वर्णनात्मक से बदलकर 'भविष्यवाणीपरक' और 'कारणात्मक' बनाने में सक्षम है। साथ ही, यह शोध इस तकनीकी प्रतिमान के नैतिक और सामाजिक निहितार्थों—विशेषकर डिजिटल डिवाइड, निजता के संकट और एल्गोरिद्मिक पूर्वाग्रह—का आलोचनात्मक मूल्यांकन भी करता है। निष्कर्षतः, यह अध्ययन तकनीक और मानवीय मूल्यों के मध्य एक 'संश्लेषितदृष्टिकोण' (Synthesized Approach) की वकालत करता है, ताकि "डेटा की शीतलता में मानवीय मूल्यों की ऊष्मा" को संरक्षित रखते हुए अनुसंधान को अधिक समावेशी और प्रासंगिक बनाया जा सके ।
शब्द कुंजी-राजनीति विज्ञान, अनुसंधान पद्धति, प्रतिमान विस्थापन, बिग डेटा, कम्प्यूटेशनल विश्लेषण, मिश्रित पद्धति, डिजिटल डिवाइड।
