-
January to March 2026 Article ID: NSS9590 Impact Factor:8.05 Cite Score:18 Download: 4 DOI: https://doi.org/ View PDf
मध्यप्रदेश में कामकाजी महिलाओं पर घरेलू हिंसा का प्रभाव और उसकी तुलना: भारत के संदर्भ में अध्ययन
नाजनीन खान
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा (म.प्र.)
निर्मल कुमार पगारिया
सेवानिवृत्त प्राध्यापक, इंदौर विधि महाविद्यालय, इंदौर (म.प्र.)
प्रस्तावना- भारत
में कामकाजी महिलाओं की संख्या समय के साथ बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही घरेलू हिंसा
की घटनाएँ भी लगातार बढ़ रही हैं। घरेलू हिंसा सिर्फ शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं होती,
बल्कि यह मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक हिंसा का रूप भी ले सकती है। विशेष रूप से मध्यप्रदेश
जैसे राज्यों में, जहां महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति परंपरागत दृष्टिकोण से
प्रभावित है, घरेलू हिंसा एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। इस शोध का उद्देश्य मध्यप्रदेश
में कामकाजी महिलाओं पर घरेलू हिंसा के प्रभाव को समझना, इसके कारणों का विश्लेषण करना
और पूरे भारत में इस समस्या की तुलना करना है।
