• January to March 2026 Article ID: NSS9595 Impact Factor:8.05 Cite Score:13 Download: 3 DOI: https://doi.org/ View PDf

    अपराजिता पौधे के दैवीय औषधीय एवं प्राकृतिक गुण

      डाॅ. मनीषा दण्डवते
        विभागाध्यक्ष (वनस्पतिशास्त्र) भेरूलाल पाटीदार शा.स्ना.महाविद्यालय, महू (म.प्र.)

शोध सारांश- “अपराजिता’ जिसका वानस्पतिक नमा ‘‘क्लिटोरिया टर्नेटिया’ है, जो कि फैबेसी/लेग्युमिनोसी कुल का सदस्य है, एक अत्यंत महत्वपूर्ण पौधा है। इस पौधे का धार्मिक, ज्योतिष एवं औषधीय महत्व है। इसके नीले फूलों की चाय ‘‘ब्लू टी’’ के नाम से एक लोकप्रिय पेय पदार्थ है, जिसे लोग ‘‘तरोताजा’ (Refreshing) महसूस करने के लिए पीते हैं। यह पौधा सही दिशा में लगाने पर ‘‘वास्तुदोष’  को दूर करता है एवं ‘‘नकारात्मकता’ को दूर करता है।

इसमें ‘‘एंटीक्सीडेन्ट’’, ‘‘ऐंटीफंगल’’ एवं ‘‘एंटीबैक्टीरियल’’ गुण होते हैं।

इसके नीले फूल विष्णु भगवान एवं देवी दूर्गा को चढ़ाना पवित्र माना जाता है। इसके औषधीय गुणों के कारण इसका आयुर्वेदिक औषधियों में चिकित्सकीय उपयोग किया जाता है। अपराजिता का उपयोग याददाश्त बढ़ाने में एवं तनाव को कम करने में किया जाता है।

शब्द कुंजी - आयुर्वेदिक औषधी, चिकित्सकीय उपयोग, ब्लू टी, एन्टीक्सीडेन्ट, तनाव।