• January to March 2026 Article ID: NSS9626 Impact Factor:8.05 Cite Score:242 Download: 19 DOI: https://doi.org/ View PDf

    जनमत निर्माण में संचार साधनों की भूमिका

      नवीन कुमार
        सहायक आचार्य (राजनीति विज्ञान) राजकीय महाविद्यालय, मावली, उदयपुर (राज.)

शोध सारांश-  जनमत किसी भी देश की  लोकतांत्रिक समाज की एक आधारभूत शक्ति है, जो सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक निर्णयों को प्रभावित करती है। जनमत निर्माण की प्रक्रिया में संचार साधनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जनमत निर्माण में संचार साधन जैसे समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट तथा सोशल मीडिया समाज में सूचना के प्रसार, विचारों  अनुभव के आदान-प्रदान तथा जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं। इनके माध्यम से नागरिक विभिन्न मुद्दों, नीतियों और घटनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं और उसी आधार पर अपनी राय या मत का निर्माण करते हैं। आधुनिक समय में जनसंचार माध्यम जनमत को प्रभावित करने का एक प्रभावशाली साधन बन गए हैं। संचय  के साधन न केवल सूचनाओं का प्रसारण करता है, बल्कि वह मुद्दों को प्रस्तुत करने, उनके महत्व को निर्धारित करने तथा लोगों की सोच को दिशा देने का कार्य भी करता है।  जनसंचार के माध्यम विशेष रूप से चुनाव, सामाजिक आंदोलनों और सार्वजनिक नीतियों के संदर्भ में संचार साधनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया ने जनमत निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक तेज तथा व्यापक बना दिया है, जिससे आम नागरिक भी अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं। इस तरह संचार के साधन समाज में जागरूकता फैलाने, विचारों के निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि प्रभावी और जिम्मेदार संचार माध्यम जनमत निर्माण की प्रक्रिया को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

शब्द कुंजी- जनमत, संचार ,मीडिया, सोशल मीडिया।